नई दिल्ली, मई 3 -- कभी अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद और पर्दे के पीछे रहकर रणनीति बनाने वाले संदीप पाठक अब सुर्खियों में हैं। जिस संदीप पाठक पर केजरीवाल आंख मूंदकर भरोसा करते थे, उन्होंने न केवल पार्टी छोड़ी बल्कि अपने साथ 7 राज्यसभा सांसदों को लेकर भाजपा का दामन थाम लिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस बगावत के ऐलान से ठीक एक शाम पहले अरविंद केजरीवाल और संदीप पाठक के बीच दो घंटे लंबी बैठक हुई थी। केजरीवाल को खबर मिली थी कि पार्टी में कुछ सांसद बगावत कर सकते हैं। उन्होंने पाठक को इसी बगावत को शांत करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। संदीप पाठक अब तक लाइमलाइट से दूर रहकर पर्दे के पीछे काम करना पसंद करते थे, अचानक चर्चा के केंद्र में हैं। उनकी बगावत का दर्द केजरीवाल के लिए कितना गहरा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पंजाब की AAP...