नई दिल्ली, मई 1 -- दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा इन दिनों खूब सुर्खियों में हैं। वजह है आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से उनके खिलाफ खोला गया मोर्चा। 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पहले जज साहिबा के खिलाफ ही कानूनी विकल्प अपनाया और अब सत्याग्रह वाली मुहिम छेड़ दी है। केजरीवाल और उनकी पार्टी के अन्य नेताओं ने उन पर शक और सवाल खड़े करते हुए कहा है कि उन्हें जस्टिस शर्मा की अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। दिल्ली हाई कोर्ट की जज सस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा तीन दशक से अधिक समय से न्यायपालिका में अपना योगदान दे रही हैं। 24 साल की उम्र में ही मजिस्ट्रेट का पद हासिल करने वालीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा अपने 35वें जन्मदिन पर सेशंस जज बन गईं। दिल्ली यूनिवर्सिटी से इंग्लिश में बीए (ऑनर्स) करने वाली जस्टिस स्वरण कांता...