गिरडीह, अगस्त 30 -- बेंगाबाद। के.एन. बक्शी महाविद्यालय में शनिवार को सूक्ष्म शिक्षण के सिद्धांत और व्यवहारिक उपयोग को लेकर सेमिनार आयोजित किया गया। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित मासिक संगोष्ठी में प्रशिक्षणार्थियों ने अपने शोध लेख प्रस्तुत किए। मौके पर प्राचार्य डा अजीत सिंह ने कहा कि सूक्ष्म शिक्षण नियंत्रित अभ्यास की ऐसी व्यवस्था है, जहां छात्राध्यापक कृत्रिम परिवेश में वास्तविक कक्षा शिक्षण का अभ्यास कर कौशल हासिल करता है। प्राध्यापक बिनोद कुमार सुमन ने कहा कि इसमें कम छात्र, छोटी पाठ योजना और कम अवधि में एक कौशल पर केंद्रित शिक्षण कराया जाता है, जिससे शिक्षण प्रभावी बनता है। संगोष्ठी में आरती कुमारी, विनीता सोरेन, रोशन सिंह और अदिति टुडू ने सूक्ष्म शिक्षण को वास्तविक शिक्षण प्रक्रिया बताते हुए इसके लाभ गिनाए...