नई दिल्ली, जून 14 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया है कि दुर्लभ आनुवांशिक बीमारी से पीड़ित तीन साल की बच्ची को राष्ट्रीय दुर्लभ बीमारी नीति 2021 के तहत वित्तीय सहायता नहीं दी जा सकती। सरकार का कहना है कि यह बीमारी फिलहाल उन 63 अधिसूचित दुर्लभ बीमारियों (एनपीआरडी) की सूची में शामिल नहीं है, जिन्हें इस योजना के तहत कवर किया गया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अदालत में दाखिल हलफनामे में यह बात कही है। यह हलफनामा 'एलपीएस-रिस्पॉन्सिव बेज-लाइक एंकर प्रोटीन की कमी' (एलआरबीए डेफिशिएंसी) जैसी दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्ची के पिता की ओर से दायर याचिका के जवाब में दाखिल किया गया है। यह भी पढ़ें- केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट से कहा- एलआरबीए डेफिशिएंसी से पीड़ित बच्ची को नहीं मिले सकती सरकारी मदद ...