केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रबोधन कार्यशाला में छात्रों को बताया संस्कृत शिक्षा का महत्व
देहरादून, मई 19 -- नई टिहरी। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में भारतीय ज्ञान परंपरा आश्रित एक माह की प्रबोधन कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने ने परिसर में प्रारंभ हुए बालगुरुकुलम् के नवप्रवेशी बालकों व शिक्षकों को कहा कि संस्कृत संस्थानों में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक की परंपरा पुनः शुरू हुई है। यहां सभी सुविधाए व पठन-पाठन की बेहतर व्यवस्थाएं की गई है। देवप्रयाग परिसर उत्तराखंड ही नहीं समस्त देश व विश्व के लिए संस्कृत शिक्षा का अनुपम उदाहरण बनेगा। विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय कुलपति प्रो रमाकांत पांडे ने कहा नई शिक्षा नीति में परंपराओं के साथ नवीनता का समावेश हुआ है जो विकास के लिए आवश्यक है।निदेशक प्रो पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने कहा कि यह प्रबोधन कार्यशाला पुरुषोत्त...
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