प्रतापगढ़ - कुंडा, जुलाई 25 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र की जीत है। इससे यह साबित हो गया कि सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार झुक भी सकती है। शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के त्याग पत्र देने से देश के युवाओं की जीत हुई है। यह बातें राज्यसभा सांसद व विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने शनिवार को जारी अपने बयान में कहीं। सांसद ने कहा कि पेपरलीक को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने लंबे समय से आंदोलनरत छात्रों की नैतिक मांगों को लेकर आवाज बुलन्द की। मोदी सरकार को झुकाने के लिए राहुल गांधी जैसा संघर्षशील व्यक्तित्व होना चाहिए। यह भी पढ़ें- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा राहुल गांधी और युवाओं के संघर्ष का परिणाम : अजय राय केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा देना स्पष्ट संकेत है कि अब तानाशाही युग के समाप्ति की शुरुआत...