लखनऊ, अप्रैल 8 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता बीबीएयू विश्वविद्यालय में बुधवार को अर्थशास्त्र विभाग की ओर से केंद्रीय बजट 2026-27 का विश्लेषण नीडोनॉमिक्स परिप्रेक्ष्य विषयक व्याख्यान आयोजित हुआ। नीडोनॉमिक्स विचारधारा के प्रवर्तक तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग से सेवानिवृत्त प्रो. मदन मोहन गोयल ने Rs.कहा 53,47,315 करोड़ के परिव्यय वाले केंद्रीय बजट 2026-27 को आवश्यक लेकिन पर्याप्त नहीं। उन्होंने देश के वित्तीय वर्ष को एक जुलाई से 30 जून करने का सुझाव दिया। ताकि वित्तीय नियोजन को एक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की बदलती प्राथमिकताओं के अनुरूप बेहतर ढंग से समायोजित किया जा सके।उन्होंने चेताया कि अत्यधिक रियायतों पर निर्भरता नीतियों को परिवर्तनकारी बनाने के बजाय सांत्वना बना सकती है। देश की कुल जनसंख्या का लगभग 2.6 प्रतिशत आयकर ...