भागलपुर, मई 16 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। अंतरराष्ट्रीय वैदिक प्रवक्ता सह आर्य संन्यासी स्वामी ओंकारानंद सरस्वती का बरारी स्थित डीएवी स्कूल में आगमन हुआ। स्कूल के प्रिंसिपल अनिल कुमार सिंह से मिलकर शिक्षा संबंधी चर्चा की। स्वामी ओंकारानंद सरस्वती ने कहा बच्चों के अंदर आध्यात्मिक शिक्षा की अत्यंत आवश्यकता है। कॅरियर निर्माण के साथ-साथ कैरेक्टर निर्माण भी जरूरी है। डीएवी एक ऐसा विशेष स्कूल है, जहां वैदिक संस्कार भी दिए जाते हैं। इससे बच्चों के अंदर आध्यात्मिकता का विकास होता है।डीएवी की प्रेसिडेंट पद्मश्री डॉ. पूनम सूरी के निर्देश पर भारत के करीब-करीब सभी स्कूलों में एक यज्ञशाला का भी निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि यज्ञ का अर्थ ही है परोपकार, जो भारत की वैदिक संस्कृति का आधार है। स्वामी ओंकारानंद अबतक मॉरीशस, अमेरिका, सूरीनाम, गुयाना, सिं...