गोंडा, मार्च 27 -- नवाबगंज। क्षेत्र के लौवावीरपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में गुरूवार को कथा व्यास मनीषचंद्र त्रिपाठी ने श्रीकृष्ण और सुदामा की अद्भुत मित्रता का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि सुदामा की दरिद्र अवस्था देखकर स्वयं भगवान श्रीकृष्ण की आंखें भर आईं, जो सच्ची मित्रता की गहराई को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सच्चा मित्र वही होता है जो बिना कहे ही मित्र की पीड़ा समझ ले और उसके दुख में सहभागी बने।
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