हापुड़, मई 28 -- भगवान श्री कृष्णा और सुदामा की मित्रता के साथ ही राजा परीक्षित की कथा का वर्णन सुन महिला बच्चों समेत सैकड़ो भक्तों की भीड़ भाव विभोर हो उठी। बृजघाट गंगा नगरी के श्री कृष्ण आश्रम में आयोजित हो रहे श्रीमद्भागवत ज्ञान सप्ताह कथा के तीसरे दिन सुबह की हवन यज्ञ किया गया। जिसमें आहूतियां देकर यजमानों ने विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की। यह भी पढ़ें- त्याग और समर्पण का प्रतीक है कृष्ण- सुदामा का मिलनकथा का सार व्यास आचार्य सर्वेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि श्रंगी ऋषि के श्राप को पूरा करने के लिए तक्षक नामक सांप भेष बदलकर राजा परिक्षित के पास पहुंचकर उन्हें डंस लेता है। जहर के प्रभाव से राजा का शरीर जल जाता है और मृत्यु हो जाती है। लेकिन श्रीमद् भागवत कथा सुनने से राजा परीक्षित को मोक्ष प्राप्त हो जाता है। पिता की मृत्य...