कृष्ण-सुदामा की मित्रता देख भावविभोर हुए श्रद्धालु
पटना, जून 10 -- राजधानी के पूर्वी आशोचक मोहल्ला में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा को बुधवार को हवन के साथ के साथ विराम दिया गया। मौके पर विशाल भंडारा व महाप्रसाद का वितरण किया गया। कथा के अंतिम दिन कथावाचक पंडित सतीशकांत शास्त्री ने भागवत के अंतिम स्कंधों का वाचन किया। इसमें सुदामा -कृष्ण की मित्रता और परीक्षित कथा का वर्णन किया गया। कलाकारों ने कृष्ण-सुदामा प्रसंग (चरित्र) की प्रस्तुति की जिसे देख श्रद्धालु भावविभोर हो गए। भागवत कथा के दौरान शिव-विवाह, कृष्ण जन्मोत्सव, राधे-कृष्ण प्रेम लीला, रुक्मिणी विवाह, सुदामा-कृष्ण जैसी अनेक झांकियां कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई। फूलों की पंखुड़ियां और अबीर गुलाल से भक्तों ने जमकर बरसाने की ऐसी होली खेली, मानो पूरा वृन्दावन आशोचक में ही उतर आया हो। यह भी पढ़ें- कृष्ण-सुदामा की मित्रता देख भावविभोर हु...
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