आगरा, जून 13 -- सोरों के गांव लहरा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा प्रवचन का शुक्रवार को समापन हो गया। श्रीमद्भागवत कथा प्रवचन के अंतिम दिन कथा वाचक चेतराम शर्मा ने श्रोताओं को कृष्ण-सुदामा प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। अंतिम दिन कथावाचक चेतराम शर्मा जी ने कृष्ण-सुदामा प्रसंग का वर्णन किया। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, सत्संग और सदाचार का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि सच्ची मित्रता धन-दौलत पर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और समर्पण पर आधारित होती है। कथावाचक ने उदाहरण दिया कि द्वारिका के राजा श्रीकृष्ण ने अपने निर्धन मित्र सुदामा को देखकर दौड़कर गले लगाया और सम्मान दिया। यह भी पढ़ें- भगवान भाव के भूखे होते हैं, धन दौलत के नहीं उन्होंने यह भी कहा कि भगवान अपने भक्तों के भाव के भूख...