कृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भावविभोर
औरैया, जून 13 -- अजीतमल, संवाददाता। अटसू कस्बा स्थित सिपहिया आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिवस कथा वाचक आचार्य शैलेश चेतन महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा श्रवण कर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। कथावाचक ने कहा कि सच्ची भक्ति, अटूट विश्वास और पूर्ण समर्पण से भक्त प्रभु की कृपा प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि माता रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को मन ही मन अपना पति स्वीकार कर उनकी आराधना की थी। उनकी निष्कलंक भक्ति, प्रेम और समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण ने उनका हरण कर विधि-विधान से विवाह किया। यह प्रसंग प्रेम, विश्वास, धर्म और भक्ति की महत्ता को दर्शाता है। कथा के दौरान आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का भी वर्णन किया। उनके मुखारविंद से निकले प...
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