बिजनौर, दिसम्बर 30 -- फुलसंदा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास दया देवकीनंदन आचार्य ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का सार परमात्मा (श्रीकृष्ण) की भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के माध्यम से जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति (मोक्ष) प्राप्त करना है। मंगलवार को फुलसंदा गंगादास में आयोजित कथा में दया देवकी नन्दन आचार्य कौस्तुव आनंद जोशी जी महाराज के पावन सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने दिवंगत पितरों की मोक्ष कामना एवं जन मानस के कल्याण हेतु पवन कुमार द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह पितृमोक्ष यज्ञ ज्ञान यज्ञ में प्रतिभाग किया। कथा में मुख्य यजमान छत्रपाल सिंह व सुधा देवी रही। इस अवसर पर पवन कुमार, तोताराम, कंचन देवी, सुमन देवी, मोनू कुमार, कुलवीर सिंह, रीना सिंह, आदित्य सिंह, चित्रा देवी, शिवानी, दीपक, तनु, अवनीश, संजीव, राजीव, अरनब, अगम चौ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.