झांसी, अप्रैल 5 -- झांसी, संवाददाता। गुरसरांय के गांव विक्रमपुरासानी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में आस्था उमड़ पड़ी। कथा व्यास स्वामी रामकृष्ण बाल व्यास महाराज ने भक्त प्रह्लाद व कृष्ण जनम की कथा सुनाई। भगवान का जन्म होते ही भक्त थिरके उठे। हर तरफ हाथी घोड़ा पालकी की गूंज रही। उन्होंने कहा कि जब जब धरा पर पाप, अनाचार बढ़ा है तो किसी न किसी रूप में भगवान ने अवतार लिया है। उनके अवतार लेते ही सब बंधन खुल जाते हैं। नंद एवं यशोदा पूर्व जन्म के द्रोड़, धरा नाम के वसु थे। जिन्होंने तपस्या करके भगवान के बाल स्वरुप की लीलाओं के सुख प्राप्त करने का वरदान मांगा था। इसलिए वही निर्गुण ब्रम्ह सगुण साकार बनकर ब्रज में अवतरित हुआ। जन्महोत्सव पर बधाइयों की प्रस्तुति पर श्रोता नाच उठे। नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की धुन से वातावरण ब्रजमय हो गया। इससेपहले म...
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