विकासनगर, मई 31 -- लाखामंडल के पौराणिक शिव मंदिर में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को श्री कृष्ण की जन्म की लीला का वर्णन किया। कथा वाचक ने कहा कि यह आवश्यक नहीं जन्म कहां हुआ है लेकिन हमें यह देखना है कि हमारा धर्म एवं कर्म कैसा है। हमारे सनातन धर्म में कर्म की प्रधानता है। व्यक्ति नहीं उसका व्यक्तित्व महान होता है। हमारे यहां व्यक्तित्व एवं चित्र के पीछे जो चरित्र छिपा है उसकी पूजा होती है, लिहाजा हम महापुरुषों के चित्रपट की पूजा करते हैं। यह भी पढ़ें- कृष्ण जन्म की कथा सुनकर भाव विभोर हुए श्रद्धालु

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...