रांची, सितम्बर 16 -- रांची। अग्रसेन भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा अमृत महोत्सव के पांचवें दिन बुधवार को कृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा के प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। व्यासपीठ से स्वामी दिनेश भारद्वाज ने कहा कि बाल लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के अटूट प्रेम का आध्यात्मिक संदेश हैं। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार को तोड़कर ब्रजवासियों की रक्षा के लिए अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत धारण किया था, जो अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। इस दौरान मनमोहक झांकियों और भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा। मारवाड़ी युवा मंच ने व्यास जी का अभिनंदन किया। संजय सर्राफ ने बताया कि अगले दिन कंस वध व रुक्मिणी विवाह प्रसंग का आयोजन होगा।

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