शाहजहांपुर, मार्च 13 -- चित्रा टाकीज परिसर में चल रही श्रीकृष्ण कथा के छठे दिन शुक्रवार को कथा व्यास डॉ. दामोदर दीक्षित ने भगवान श्रीकृष्ण के मथुरा प्रवेश, कंस वध और सुदामा चरित्र का वर्णन किया। कथा के दौरान आत्मा और परमात्मा के मिलन तथा महारासलीला की व्याख्या करते हुए भक्ति और प्रेम का महत्व बताया गया। कथा में बताया गया कि मथुरा पहुंचने पर श्रीकृष्ण ने दर्जी और माली को भक्ति का आशीर्वाद दिया तथा कुब्जा का उद्धार किया। इसके बाद कंस के दरबार में मल्लयुद्ध के दौरान श्रीकृष्ण ने कंस का वध कर माता देवकी और वसुदेव को कारागार से मुक्त कराया। कथा में गुरुकुल शिक्षा, सुदामा से मित्रता और रुक्मिणी विवाह का भी वर्णन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पुरोहित अनंतराम ने मुख्य यजमान कमलेश कुमार खन्ना से देव पूजन कराकर कराई। भजन संध्या में हनुमान चालीसा और...