समस्तीपुर, मार्च 22 -- यह तकनीक केवल क्लिनिकल पैथोलॉजी तक सीमित नहीं है। इसका उपयोग कृषि, डेयरी, रेशम उत्पादन (सेरीकल्चर) और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी हो रहा है। दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड व इंडोनेशिया जैसे अंतराष्ट्रीय बाजारों में भी मेडप्राइम का विस्तार जारी है, जो इसे 'मेक इन इंडिया' का एक सशक्त उदाहरण बनाता है।

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