अयोध्या, अप्रैल 1 -- शिक्षा दीक्षा के लिए नियुक्त प्राध्यापकों एवं सहायक प्राध्यापकों का ध्यान अब विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता से भटक गया है। उनमें विश्वविद्यालय के प्रशासनिक पदों की लोलुपता बढ़ गई है। जिसके चलते अब वह विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य करने से पूरी तरह से अलग-थलग हो गए हैं। प्रोफेसर साहबों को अब क्लास लेना रास नहीं आ रहा है। उन्हें विश्वविद्यालय में विभिन्न मलाईदार पदों की चाहत ने उनके मूल कर्तव्यों एवं दायित्व से इस कदर भटका दिया है कि विश्वविद्यालय के अधीन विभिन्न महाविद्यालयों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को उन्हें सेमेस्टर के दौरान कोर्स पूरे होने की तो बात दूर मानक के तौर पर सुनिश्चित क्लास ही नहीं मिल पा रही है। बताते चलें कि जिला मुख्यालय से दूर पड़ोसी जनपद सुल्तानपुर की सीमा पर आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद...