चाईबासा, मार्च 13 -- चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में सामान्य रूप से कृषक वर्षा के दिनों में ही वर्षा आधारित फसलों की खेती करते हैं। वर्षा की कमी को देखते हुए अब यह कोशिश हो रही है कि गर्मी के दिनों में खेत बेकार न पड़े रहें। कृषक गर्मी के दिनों में भी खेती कर सकें, इस पर भी जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि कृषक अपनी कृषि भूमि का अधिक से अधिक उपयोग कर आर्थिक प्रगति कर सकें। इसी उद्देश्य को लेकर कृषि विभाग के द्वारा ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने के लिए मूंग की खेती पर फोकस किया जा रहा है। वहीं उद्यान विभाग द्वारा 65 हेक्टेयर भूमि पर ओल की खेती, 15 हेक्टेयर भूमि पर हल्दी की खेती, 53 हेक्टेयर भूमि पर अदरक तथा 431 हेक्टेयर भूमि को सब्जियों की खेती के लिए चिन्हित किया गया है। इस खेती के लिए उन्हीं किसानों को जोड़ा गया है, जिनके पास अपन...
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