कानपुर, मार्च 11 -- शिवली, संवाददाता। किसानों के साथ-साथ गल्ला, सीमेंट, सरिया, मौरंग, ईंट भठ्ठा समेत अन्य कारोबारियों द्वारा ट्रैक्टरों का पंजीयन महज कृषि कार्यों के लिए ही कराया जाता है, लेकिन अधिकतर ट्रैक्टर एवं ट्रालियों का व्यवसायिक रूप में उपयोग किया जा रहा है।इसमें यह कारोबारी सीमा से ज्यादा माल भरकर ढुलाई करते हैं। वहीं समय-समय पर इससे सवारियां भी ढोई जाती हैं, जिससे जिम्मेदार लोगों की लापरवाही से विभागीय राजस्व को चूना लगने के साथ हादसों को दावत देते नजर आ रहे है।ट्रैक्टर-ट्रालियों से आयेदिन हो रहे हादसों के बाद भी लोग इसका उपयोग सवारी वाहन की तरह कर रहे हैं। उनको न अपनी जान की फिक्र है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों को नियमों के पालन की परवाह। ट्रैक्टर ट्रालियों का उपयोग सिर्फ कृषि कार्यों में ही हो सकता है। इसका न तो व्यवसायिक इस्...