मुजफ्फर नगर, मार्च 25 -- सिसौली किसान भवन सिसौली में चल रही कृषि कार्यशाला के तीसरे दिन पद्मश्री कृषि वैज्ञानिक डा. सुभाष पालेकर ने किसानों को जीवामृत के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि यह एक प्रकार के प्राकृतिक खाद/घोल है जो मिट्टी में सूक्ष्म जीवों की संख्या बढ़ाता है और फसल को तेजी से बढ़ने में मदद करता है। यह पूरी तरह देसी और रसायन-मुक्त होता है।पद्मश्री डा. सुभाष पालेकर ने बताया कि ईश्वर ने पेड़-पौधों को जन्म के समय जो रोग प्रतिरोधक शक्ति प्रदान की है, उसकों रसायनिक दवाइयां कमजोर बनाते हैं। परिणामस्वरुप खड़ी फसल पर कीट आते हैं और बीमारी आती है। ईश्वर ने शत्रु कीटों का निर्माण तो किया है, लेकिन उनकों अमृत प्रदान नहीं किया है। उन्होंने किसानों को कृषि के प्रकारों के विषय में जानकारी दी। बताया कि बीजामृत, जीवामृत, घन जीवामृ...