प्रयागराज, मई 29 -- ट्रिपलआईटी के प्रबंधन अध्ययन विभाग की ओर से शुक्रवार को व्यावहारिक वित्त के 9वें स्कूल के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। विभिन्न देशों के 90 शोधकर्ताओं ने व्यावहारिक वित्त के विविध आयामों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावने ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी परिवर्तन के इस दौर में व्यावहारिक वित्त का अध्ययन पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। वित्तीय व्यवहार, निवेश निर्णय और बाजार की मनोवैज्ञानिक प्रवृत्तियों को समझे बिना आधुनिक आर्थिक चुनौतियों का समाधान संभव नहीं है। सम्मेलन में प्रस्तुत सभी शोधपत्रों के सारांशों की सार पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। यह भी पढ़ें- एमईआरसी: संकटों के दौर में प्रबंधन पर मंथन इस अवसर पर ओमान की यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंस एंड टेक्नोलॉजी क...