रुडकी, अप्रैल 25 -- रुड़की, संवाददाता। मदरहुड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेंद्र शर्मा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब भविष्य नहीं, बल्कि आज की जरूरत है। इसके जरिए दूर से इलाज, रोबोट के जरिए सर्जरी और बीमारी का पहले से अनुमान लगाना संभव हो रहा है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं ज्यादा सटीक, सस्ती और आसान बन रही हैं। उन्होंने नर्सिंग फैकल्टी की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: भारत में मुद्दे, चुनौतियां और अवसर विषय पर गोष्ठी में यह बातें कहीं। कार्यक्रम का उदघाटन कर मुख्य अतिथि उत्तराखंड नर्सेज एंड मिडवाइव्स काउंसिल, देहरादून की रजिस्ट्रार डॉ. मनीषा ध्यानी ने कहा कि नर्सिंग क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से मरीजों की देखभाल और बेहतर होगी। उन्होंने छात्रों से नई तकनीक सीखने पर जोर दिया।

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