कानपुर, जुलाई 1 -- बिधनू, संवाददाता। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत गांवों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से बनाए गए रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) बिधनू ब्लॉक में बदहाल पड़े हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बने अधिकांश सेंटर संचालन के अभाव में शोपीस बन गए हैं। 59 ग्राम पंचायतों में बने 58 आरआरसी सेंटरों में से 90 फीसदी से अधिक पर ताले लटके हैं, जबकि कूड़ा संग्रहण के लिए खरीदे गए ई-रिक्शा भी पंचायत भवनों और सेंटरों पर खड़े-खड़े धूल फांक रहे हैं। सरकार की योजना के अनुसार इन सेंटरों पर गांवों से एकत्रित कूड़े का पृथक्करण कर वर्मी कम्पोस्ट व जैविक खाद तैयार की जानी थी। प्लास्टिक कचरे की बिक्री से होने वाली आय से कर्मचारियों का मानदेय और ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने का भी लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जमीनी हकीकत य...