चित्रकूट, मई 4 -- चित्रकूट। जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने कूटरचित दस्तावेज के जरिए भूमि का बैनामा कराने में आरोपित महिला की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्र ने बताया कि खोहर निवासी अजय यादव ने अपने पिता कल्लू यादव व मां गुलाब कली के नाम वर्ष 2015 में कई बीघा जमीन खरीदी थी। लेकिन करीब 10 वर्ष बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसके माता-पिता की जगह दूसरे को खड़ाकर भूमि का बैनामा करा लिया गया। इस मामले में विमलेश, केशवलाल, रामकुमार, अरुण सिंह, महेंद्र, आकाश, बाबूलाल उर्फ दरोगा व माला देवी के नाम सामने आए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर नामजद आरोपितों को गिरफ्तार किया था। बताया कि आरोपित माला देवी ने सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल थी। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया।
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