लखनऊ, फरवरी 16 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता राज्य सरकार ने सोमवार को विधानसभा में उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 और नगर पालिका परिषद अधिनियम 1916 से 'कुष्ठाश्रम' शब्द हटाने के लिए विधेयक पेश किया। इसे अध्यादेश के स्थान पर लाया गया है। सरकार इसे दो फरवरी को जारी कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने सात मई 2025 को कुष्ठ रोगियों से जुड़े कानूनों में भेदभावपूर्ण प्रावधानों को हटाने के लिए सभी राज्यों को निर्देश दिए थे। इसमें राज्यों से ऐसी धाराओं की पहचान करने और उन्हें खत्म करने के लिए एक समिति बनाने को कहा गया था, ताकि इनके साथ भेदभाव न हो। कहा गया था कि ये मामले मानवाधिकार और गरिमा से जुड़े हैं। प्रदेश में प्रमुख सचिव विधायी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी। समिति ने दोनों अधिनियमों से 'कुष्ठाश्रम' शब्द हटाने की संस्तुति की थी।
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