बदायूं, मार्च 31 -- कुतबे बदायूं मुफ्ती शाह मोहम्मद इब्राहिम फरीदी का दो रोजा सालाना उर्स ए फरीदी दूसरे दिन सोमवार के लिए कुल शरीफ की रस्म के साथ संपन्न हो गया। कुल के दौरान मुल्क एवं कौम की तरक्की के लिए दुआयें की गयीं। कुल की फातिहा से पहले उलेमाओं ने खिताब फरमाया। साहिबे सज्जादा खानकाह आबादानिया, फरीदिया बदायूं शरीफ, हजरत मौलाना मोहम्मद अनवर अली फरीदी (सुहैल फरीदी) ने बड़ा इल्मी बसीरत अफरोज बयान से हाजरीन को दिलों में ईमान की रोशनी पैदा की। हमेशा की तरह इस बार भी बुखारी शरीफ की पहली हदीस इन्नमल आमा लो बिन नियत से अपने बयान का आगाज किया। कहा कि हर अमल का दारो मदार नियत पर है यानी जिस नियत से काम किया जाएगा अल्लाह तआला उसी नियत के ऐतबार से अज्र अता फरमायेगा। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव डॉ. यासीन उस्मानी ने कहा कि उन्हें बुजुर्गों और ...