वाराणसी, जुलाई 31 -- वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह के बाद शुक्रवार को कुलपति ने 150 से ज्यादा संविदाकर्मियों का अभिनंदन किया। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि श्रम का सम्मान ही सच्ची संस्कृति का सम्मान है। इन कर्मयोगियों के बिना कोई संस्था महान नहीं बन सकती। दीक्षांत समारोह की तैयारियों के लिए दिन-रात एक कर देने वाले इन संविदा कर्मचारियों को कुलपति ने कंबल, छाता और अन्य उपयोगी सामग्री प्रदान की। कुलपति ने प्रत्येक कर्मचारी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनके समर्पण, निष्ठा और कठिन परिश्रम के प्रति विश्वविद्यालय परिवार की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। सम्मान पाकर कर्मियों के चेहरों पर प्रसन्नता दिखाई दी। इस दौरान जनसंपर्क अधिकारी शशींद्र मिश्र, कुलपति के सचिव प्रभुनाथ यादव, ...