नई दिल्ली, जुलाई 22 -- कुलदीप यादव इस समय अपने आप को सबसे ज्यादा अनलकी समझते होंगे, क्योंकि वे टीम में होते हैं, लेकिन प्लेइंग इलेवन में नहीं होते। बात चाहे टेस्ट की करें, वनडे की करें या फिर टी20 क्रिकेट की। प्योर स्पिनर होने की वजह से उन्हें मौका नहीं मिल पाता है। कुछ मैचों में खेलते हैं, लेकिन रिदम में आने से पहले ही उन्हें ड्रॉप कर दिया जाता है। कोच और कप्तान का तर्क होता है कि उन्हें टीम में ऑलराउंडर चाहिए या प्योर बैटर। कुलदीप गेंदबाजी में अव्वल हैं, लेकिन बल्लेबाजी उतनी अच्छी नहीं कर पाते, जो मैनेजमेंट को चाहिए। हालांकि, इस पर आर अश्विन ने बयान दिया है कि कुलदीप को खेलना ही बंद कर देना चाहिए, क्योंकि यह बल्लेबाजों की दुनिया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि जब से गौतम गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच बने हैं, तब से टीम इंडिया ने 104 इंटरनेश...