जहानाबाद, जुलाई 9 -- कुर्था, एक संवाददाता। कुर्था प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को की इन्फॉर्मरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने की इन्फॉर्मरों को कालाजार रोगियों की पहचान करने, पोस्ट कालाजार डर्मल लेशमेनियासिस, कालाजार से बचाव, बालूमक्खी की पहचान व इंडोर रेसिडूयल स्प्रे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि बालू मक्खी, जिसे सैंड फ्लाई भी कहा जाता है, एक छोटा कीट है जो लगभग तीन मिमी लंबा होता है और इसका रंग सुनहरा, भूरा या धूसर होता है। इसकी पहचान इसके लंबे, छेदने वाले मुंह, बालों वाले पंख और लंबे पैर से की जा सकती है। बालू मक्खियाँ आमतौर पर छायादार, कम रौशनी वाली और नम जगहों जैसे कि मिट्टी की द...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.