रांची, नवम्बर 9 -- कांके। कांके स्थित मदरसा आलिया अरबिया में 19वां जलसा-ए-दस्तार बंदी का आयोजन किया गया। मौलाना कारी अशरफुल हक मजाहिरी की सदारत में हुए इस जलसे में 342 हुफ्फाज ए कराम को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया गया। बतौर मुख्य अतिथि यूपी के हजरत मौलाना अहमदुल हुसैनी ने कुरान की शिक्षाओं का महत्व आध्यात्मिक विकास, नैतिक आचरण और सामाजिक न्याय के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कुरान न केवल एक धार्मिक मार्गदर्शन है, बल्कि यह शिक्षा और ज्ञान को भी अत्यधिक महत्व देता है, जो व्यक्ति और समाज दोनों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। जलसे में शामिल होने वाले का गुनाह अल्लाह माफ कर देता है।
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