अमरोहा, दिसम्बर 24 -- फैजान-ए-शाह विलायत कमेटी की ओर से नातिया महफिल का आयोजन किया गया। शायरों ने रसूले खुदा की शान में एक से बढ़कर एक शानदार कलाम सुनाकर महफिल में नूरानियत का रंग भर दिया। जिक्र-ए-रसूल सुनने के लिए श्रोता देर रात तक महफिल में डटे रहे। शहर के मोहल्ला जाफरी में सोमवार रात कमेटी अध्यक्ष फैजान अली उर्फ आलम वारसी के आवास पर सजी वार्षिक नातिया महफिल की शुरुआत पैगाम-ए-अमन कमेटी के अध्यक्ष हाजी खुर्शीद अनवर ने कुरआन-ए-करीम की तिलावत से की। इसके बाद विख्यात आलिमेदीन एवं जमीयत उलेमा हिन्द के प्रदेश अध्यक्ष मुफ्ती सैय्यद मोहम्मद अफ्फान मंसूरपुरी ने सीरत-ए-तैयबा पर अपनी तकरीर की। उन्होंने कहा कि रसूले खुदा की जिंदगी का एक-एक लम्हा नमूना-ए-अमल है। उम्मती अगर उनकी तालीमात पर अमल करेंगे तो फिर दुनिया की कोई ताकत सामने टिक नहीं पाएगी। आप...