कटिहार, अक्टूबर 7 -- कुरसेला, निज प्रतिनिधि। कभी बाढ़ और जलजमाव के कारण चुनौती माने जाने वाले इलाके के खेत अब किसानों के लिए कमाई का बेहतर जरिया बन रहे हैं। इन दिनों क्षेत्र में पटवा की खेती किसानों को अच्छी आमदनी दे रही है। खेतों में तैयार पटवा की फसल को काटकर किसान बंडल बनाकर सुखाने में जुटे हैं।

किसानों की कमाई बल्थी महेशपुर, मिलकी, नवाबगंज, मोरसंडा, डुमरिया, चांदपुर क्षेत्र में किसान व्यापक पैमाने पर पटवा की खेती से मुनाफा कमा रहे हैं। किसानों के मुताबिक पटवा की खेती के लिए जमीन करीब 40 हजार रुपये प्रति बीघा लीज पर लेनी पड़ती है। बीज, खेत की तैयारी, मजदूरी और अन्य खर्च मिलाकर करीब 20 हजार रुपये प्रति बीघा अतिरिक्त लागत आती है।

व्यापार और बिक्री एक बीघा में औसतन 14 से 15 क्विंटल पटवा की उपज होती है। बाजार में पटवा की कीमत करीब 11 से ...