सिद्धार्थ, मार्च 13 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद । मुसलमानों के लिए रमजान का महीना बहुत अहम माना जाता है। जिसमें अल्लाह की तरफ से रहमतों व बरकतों की बारिश होती है। पाक महीना में इस्लाम धर्म की अहम किताब कुरआन दुनिया में आई है। तीस दिन रोज़ा रखकर कुरआन पढ़ने से दोगुना सवाब (पुण्य ) मिलता है। कुरान में जीवन के हर पहलू के लिए मार्गदर्शन है। ये बातें गुरुवार को क्षेत्र के हल्लौर जामा मस्जिद के मौलाना शाहकार हुसैन जैदी ने कहीं।उन्होंने कहा कि रमजान के महीने में कुरआन की अहमियत इसलिए ज्यादा है क्योंकि इस माह में कुरआन को पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्ललाहो अलै.के जरिए दुनिया में उतारा गया। इसलिए मुसलमान ज्यादा वक्त रोज़ा रखकर इबादत के साथ कुरआन पढ़ने में बिताते है। इस पवित्र माह में सभी मुसलमानों पर रोज़ा रखने का हुक्म दिया गया है। सूर्य उदय से पह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.