प्रयागराज, जनवरी 24 -- इंडिगो बुक्स की ओर से शनिवार को पनीर चौराहा कर्नलगंज में किताब पर बात और लेखक से मुलाकात कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर इविवि के सेंटर ऑफ़ मीडिया स्टडीज के पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. धनंजय चोपड़ा ने भारत के कुम्भ पु्स्तक पर विचार व्यक्त किए। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि कुम्भ मेले हमारी संस्कृति और परंपराओं के कई अध्याय प्रस्तुत करते हैं। इन मेलों में ऐसी अनगिनत कहानियां होती हैं, जो हमें जीने की राह दिखाती हैं। यही वजह है कि नई पीढ़ी को ऐसे मेलों का हिस्सा जरूर बनना चाहिए। कुम्भ में करोड़ों लोग लोभ, मोह, अहंकार, दु:ख, शिकायत आदि को त्यागकर पुण्य की लालसा में जाते हैं। वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी आनंद कक्कड़ ने कहा कि भारत में कुम्भ पुस्तक को पढ़ते हुए अनायस ही मेले के दृश्य आंखों के सामने आने लगते हैं। लेखक की बात कहने की शैली ...