अलीगढ़, अप्रैल 12 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। गीतकार कुमार चंद्रहास ने आशा भोंसले के निधन को संगीत जगत् की वैश्विक क्षति और अपनी व्यक्तिगत क्षति बताया। उन्होंने बताया कि उनसे जुड़ी इतनी सारी यादें हैं कि क्या क्या लिखूँ.। वर्ष 1985 में उनसे पहली भेंट फ़ेमस ताड़देव स्टूडियो में हुई थी। वर्ष 2017 में मेरा लिखा हुआ और संगीतबद्ध किया हुआ एक गीत आशाजी ने स्टूडियो आडियो क्राफ़्ट अंधेरी में गाया था। जब उन्होंने गाने से पहले गीत पढ़ा तो बोलीं कि इतनी शुद्ध और रस भरी हिंदी तो कवि प्रदीप और पंडित नरेंद्र शर्मा लिखा करते थे आज तुम भी वैसा ही लिख रहे हो। यह बात मेरे लिये आज भी अत्यन्त ही सुखद है । उन्होंने फिर कहा कि चन्द्रहास तुम्हें आशीर्वाद है। उन्होंने मेरा संगीत सुना तो बहुत खुश हुईं थीं।
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