नैनीताल, फरवरी 4 -- नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने बोटेनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के पूर्व निदेशक, प्रख्यात पादप वर्गीकरण शास्त्री एवं एथ्नोबॉटनिस्ट डॉ. प्रभात कुमार हाजरा के 90 वर्ष की आयु में निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। कूटा ने अपने शोक संदेश में कहा कि डॉ. हाजरा का जाना वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। डॉ. हाजरा ने भारतीय वनस्पति के अध्ययन के साथ-साथ पादप कुल एस्ट्रेसी पर महत्वपूर्ण और व्यापक शोध कार्य किया, जो वनस्पति विज्ञान के विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं के लिए मार्गदर्शक है। शोक व्यक्त करने वालों में प्रो. ललित तिवारी, डॉ. नीलू, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. युगल जोशी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. कुबेर गिनती, डॉ. शिवांगी, डॉ. दीपिका गोस्वामी, डॉ. अनिल बिष्ट, डॉ. अशोक आदि शामिल रहे।
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