कुपोषण के खिलाफ जंग: समाहरणालय में जुटे विशेषज्ञ, तकनीक से सुधरेगा मातृ-शिशु स्वास्थ्य
सराईकेला, मई 15 -- सरायकेला । जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य प्रबंधन को मजबूत करने और कुपोषण की दर में भारी कमी लाने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। जिला प्रशासन और व्हील्स ग्लोबल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में एमआईवाईसीएन प्रोजेक्ट के तहत एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य रूप से उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त रीना हाँसदा, सिविल सर्जन डॉ सरयु प्रसाद सिंह, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी चिकित्सा अधिकारियों और अग्रिम पंक्ति की एएनएम व स्टाफ नर्सों ने हिस्सा लिया।
क्या है एमआईवाईसीएन प्रोजेक्ट और क्यों है जरूरी? एमआईवाईसीएन प्रोजेक्ट असल में शिशु के जन्म के 'शुरुआती 1000 दिनों' के संवेदनशील चक्र पर केंद्रित है।...
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