चाईबासा, अगस्त 26 -- चाईबासा, संवाददाता। शिशु के जीवनकाल के प्रथम 06 माह काफी महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इस अवधि में शिशुओं में शारीरिक एवं मानसिक विकास तेजी से होता है। शिशुओं में सही विकास एवं शिशु के जीवनकाल में होने वाली गैर-संचारी बीमारियों की रोकथाम के लिए पोषण महत्वपूर्ण घटक है। अगर इस दौरान शिशुओं में पोषण संबंधी आवश्यकता पूरी नहीं होती है तो यह कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। कुपोषित शिशुओं में सक्रमण, मृत्यु का खतरा, अवरोध मस्तिष्क विकास का खतरा अधिक होता है। इसी विषय को लेकर जिला समाज कल्याण विभाग पश्चिम सिंहभूम, एससीओई सैम, रिम्स रांची तथा यूनिसेफ के तकनीक सहयोग से जन्म से 6 माह के शिशुओं में कुपोषण के खतरे का समुदाय आधारित प्रबंधन के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. मनीषा कुजूर...
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