किशनगंज, अप्रैल 12 -- किशनगंज। वरीय संवाददाता कुपोषण केवल एक चिकित्सकीय समस्या नहीं, बल्कि यह सामाजिक एवं आर्थिक विकास से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है, जो बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ उनके मानसिक एवं बौद्धिक विकास को भी बाधित करता है। जीवन के प्रारंभिक छह वर्षों में यदि बच्चों को संतुलित आहार, समुचित देखभाल एवं अनुकूल वातावरण नहीं मिलता है, तो इसका प्रभाव उनके संपूर्ण जीवन पर पड़ता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक "8वां पोषण पखवाड़ा" आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मातृ एवं शिशु पोषण में सुधार, कुपोषण की रोकथाम तथा बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। यह अभियान अब एक समन्वित जनआंदोलन के रूप में विकसित हो रहा है, जिसमें विभिन्न विभागों के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।ज...