फतेहपुर, अप्रैल 8 -- फतेहपुर। आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब न इंसान सुरक्षित हैं और न ही मवेशी। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते महज आठ दिनों के भीतर खूंखार कुत्तों ने 22 लोगों को अपना निवाला बनाने की कोशिश की, जबकि एकारी गांव में 15 भेड़ों को मौत के घाट उतार दिया था। जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 40 डॉग बाइट के मामले पहुंच रहे हैं, जिससे अभिभावक बच्चों को घर से बाहर भेजने में कतराने लगे हैं। नगर निकायों की सुस्ती और बधियाकरण की सुस्त रफ्तार ने इस समस्या को और भी भयावह बना दिया है। पकड़ने की नहीं है कोई योजनाशहर से लेकर ग्रामीणांचलों तक कुत्तों के आतंक के बावजूद नगर पालिका व नगर पंचायतें इनको पकड़ने के लिए कोई योजना नहीं बना रही। जिससे दिनों दिन बढ़ती कुत्तों की संख्या के कारण शहर की प्रमुख सड़को...
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