सहारनपुर, सितम्बर 7 -- देवबंद। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य मौलाना महमूद मदनी ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित 122 साल पुरानी मस्जिद के विध्वंस किए जाने पर चिंता व्यक्त की। कहा कि प्रशासन की यह कार्रवाई न्याय के मूल सिद्धांतों और न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता के खिलाफ है। जमीयत अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि जब विवादित भूमि स्वयं कलेक्ट्रेट परिसर से संबंधित थी, तो प्रशासन इस मामले में प्रत्यक्ष रूप से एक पक्ष था। कहा कि कानून का सर्वमान्य सिद्धांत है कि कोई भी पक्ष अपने ही मामले में न्यायाधीश नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति में प्रशासनिक स्तर पर एकतरफा निर्णय लेकर कार्रवाई किया जाना न्याय के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है। यह भी पढ़ें- मस्जिद ध्वस्तीकरण के विरोध में जमीयत का राष्ट्रपति...