बरेली, मार्च 3 -- तेजी से बढ़ रहे तापमान के बीच कुत्तों-बंदरों का हमला भी बढ़ने लगा है। ऐसे में राजकीय अस्पतालों में एआरवी-एआरएस लगवाने के लिए मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है, लेकिन मंडल के 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर एंटी रेबिज वैक्सीन (एआरवी) का स्टॉक खत्म हो गया है। इससे कुत्ते के काटने के बाद इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है और उनको दूसरे केंद्रों पर रेफर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार गर्मी में कुत्ते और बंदर अधिक आक्रामक हो जाते हैं। ऐसे में कुत्ता काटने के मामले अधिक तेजी से बढ़ते हैं। मार्च से जून के बीच एआरवी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ जाती है, लेकिन इसके बावजूद कई पीएचसी पर समय से वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। स्थिति यह है कि ग्रामी...