कुटुंब न्यायालय के प्रयास से अलग रह रहे दंपति हुए एक
पाकुड़, जून 3 -- पाकुड़, प्रतिनिधि। पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय में चल रहे मूल भरण पोषण वाद 76/2026 का प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के प्रयास से दंपतियों के बीच दूरियों को समाप्त किया गया। दंपतियों के बीच चल रहे मतभेद को सुलह-समझौते के आधार पर खत्म किया गया। दोनों पति-पत्नी एक साथ रहने को राजी हुए। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक ने दोनों को मिल-जुलकर एक साथ खुशी-खुशी रहने को कहा। इस प्रयास से टूटता परिवार फिर से एक हो गया। दोनों पति पत्नी को हंसी-खुशी न्यायालय से विदा किया गया। इस मेल-मिलाप में दोनों पक्षों के अधिवक्ता अब्दुल हन्नान एवं मो़ बजरे अहमद की सराहनीय भूमिका रही। मौके पर न्यायालय कर्मी, दोनों पक्षों के परिजन पैरा लीगल वॉलिंटियर्स नीरज कुमार राउत उपस्थित रहे।
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