नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- आचार्य चाणक्य ने जीवन से जुड़ी ऐसी कई बातें बताई हैं, जो आज भी लोगों को सोचने पर मजबूर करती हैं। उनकी नीतियों में रिश्तों के साथ-साथ धर्म, गुरु और व्यक्ति के व्यवहार को लेकर भी कई सीख मिलती हैं। चाणक्य नीति के चौथे अध्याय के 16वें श्लोक में चाणक्य ने चार ऐसी स्थितियों का जिक्र किया है, जिनसे दूरी बनाना उचित बताया गया है। उनका मानना था कि हर रिश्ता या हर जुड़ाव जीवन के लिए अच्छा नहीं होता। जहां स्नेह, ज्ञान और दया का अभाव हो, वहां केवल रिश्ते के नाम पर टिके रहना परेशानी बढ़ा सकता है।चाणक्य का क्या है श्लोक? चाणक्य नीति में कहा गया है कि जिस धर्म में दया ना हो, जिस गुरु के पास ज्ञान ना हो, जिस पत्नी का स्वभाव हमेशा क्रोध से भरा हो और जिन रिश्तेदारों में स्नेह ना हो, उनसे दूरी बनाना ही उचित है। चाणक्य नीति के चौथे अध...