कुकरैल बनेगा कछुओं के अंडों का हब, प्रजनन के बाद गंगा-गोमती में छोड़े जाएंगे बच्चे
लखनऊ, मई 23 -- नदियों के 'क्लीनर' कहे जाने वाले कछुओं के संरक्षण के लिए लखनऊ का कुकरैल केंद्र अब एक बड़ा गढ़ बनने जा रहा है। विश्व कछुआ दिवस (23 मई) के मौके पर वन विभाग ने कुकरैल प्रजनन केंद्र को कछुओं के प्राकृतिक आवास और अंडों की सुरक्षा के लिए मुख्य हब के रूप में विकसित करने का फैसला किया है। इसके तहत तस्करी और रेस्क्यू से बचाए गए कछुओं का यहां प्रजनन कराया जाएगा और उनके अंडों व बच्चों को सुरक्षित पालकर वापस नदियों में मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। यह भी पढ़ें- सीजी सिटी के वेटलैंड में 434 प्रजातियों का बना आश्रय स्थलप्राकृतिक आवास के साथ 'इको-टूरिज्म' का केंद्र इंदिरा नगर क्षेत्र में कुकरैल आरक्षित वन के भीतर घड़ियालों, मगरमच्छों और कछुओं की लुप्तप्राय प्रजातियों का संरक्षण व प्रजनन किया जा रहा है। डीएफओ सितांशु पांडेय ने बताया कि कुकरैल ...
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