बस्ती, अप्रैल 2 -- लालगंज। कुआनो-मनवर नदी संगम तट पर लगने वाले पांच दिवसीय पारंपरिक मेले की सारी तैयारियां पूरी हो गई है। बुधवार शाम को संगम तट पर जुटे श्रद्धाओं ने पारंपरिक तरीके से लिट्टी-चोखा लगाकर प्रसाद ग्रहण किया। मान्यता है कि भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण रावण वध के बाद अयोध्या लौटते समय ब्रह्महत्या दोष से मुक्ति पाने के लिए मुक्तेश्वरनाथ मंदिर के समीप उदालक मुनि के आश्रम आए थे। गुरु वशिष्ठ की प्रेरणा से यहां स्नान-दान कर उन्होंने दोष से मुक्ति पाई थी। इसी परंपरा के तहत चैत्र शुक्ल पूर्णिमा पर आज भी हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर स्नान-दान और भजन-कीर्तन करते हैं। इसके अलावा लिट्टी-चोखा लगाकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। यह परंपरा तभी से चली आ रही है। ग्राम प्रधान लक्ष्मी गुप्ता ने कहा कि यदि सरकार इस स्थल को पर्यटन के रूप में विकसि...