प्रयागराज, मार्च 2 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऑनर किलिंग के मामले में दोषसिद्ध आरोपी दंपती की उम्रकैद की सजा बरकरार रखते हुए उनकी अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि शादी हुए बिना बेटी का गर्भवती होना एक औसत भारतीय के लिए 'बुरा सपना' (नाइटमेयर) है, जो अक्सर हिंसक प्रतिक्रियाओं को आमंत्रित करता है। आरोपियों ने अपनी बेटी के प्रेम संबंधों के कारण उनकी हत्या कर दी, जो भारतीय समाज में एक आम बात है। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर एवं न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने कहा कि अभियुक्तों ने हत्या के बाद शवों को छिपाने की कोशिश की। कोर्ट ने जमानत पर चल रही लड़की की मां को दो सप्ताह के भीतर सीजेएम शाहजहांपुर के समक्ष सरेंडर का आदेश दिया है। अपीलार्थियों को आईपीसी की धारा 302/34 के तहत दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था और उन्हें आजीवन कारावास व...